नेपाल तिब्बत बाढ़: मौत का आंकड़ा 579 पहुंचा, अब भी लगभग 1,900 लोग लापता

नेपाल तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है, जबकि तिब्बत में यह आंकड़ा 5 है। इसके अलावा नेपाल में करीब 1,900 लोग अभी भी लापता हैं।
ताज़ा आंकड़े एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नेपाल में मृतक | 579 |
| तिब्बत में मृतक | 5 |
| नेपाल में लापता | लगभग 1,900 |
| घायल | 1,400 से अधिक |
| तैनात पुलिस कर्मी | 8,380 से अधिक |
| लापता ऑस्ट्रेलियाई नागरिक | कम से कम 38 |
पिछले तीन दिनों में कैसे बढ़ा आंकड़ा?
- पहला दिन (बुधवार): शुरुआती रिपोर्ट्स में 359 मौतें और 910 लापता लोगों की पुष्टि हुई थी
- दूसरा दिन: आंकड़ा बढ़कर 469 मौतें और 1,000+ लापता तक पहुंचा
- तीसरा दिन: मृतकों की संख्या 538 से 553 के बीच पहुंची, लापता लोगों की संख्या 1,900 के करीब स्थिर
- ताज़ा अपडेट: अब आंकड़ा 579 तक पहुंच चुका है, और अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह और बढ़ सकता है
एक भाग्यशाली बचाव की कहानी
इस आपदा के बीच कुछ उम्मीद जगाने वाली कहानियां भी सामने आई हैं। शिकागो की रहने वाली माया पटेल, जो अपने 36 अन्य साथियों के साथ पवित्र कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा पर गई थीं, बाढ़ आने से सिर्फ दो दिन पहले ही उस इलाके से निकल चुकी थीं। उन्होंने बताया कि उनका पूरा ग्रुप सुरक्षित है, और उन्होंने बाढ़ की खबर सुनते ही मृतकों के लिए प्रार्थना की। उनका ग्रुप अब अपनी यात्रा चीन में पूरी करके कठमांडू लौटने की योजना बना रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या क्या हो रहा है?
- Rasuwa Hydropower Tunnel से नेपाली सेना ने कई फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है
- तिब्बत के Gyirong Port इलाके में सड़कें और संचार व्यवस्था अभी भी बुरी तरह प्रभावित है
- ग्लेशियर के टूटने से बनी एक अस्थायी झील से दोबारा बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए, कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना भी पड़ा था, जो अब दोबारा शुरू हो चुका है
- चीनी अधिकारियों ने आगे भी सेकेंडरी डिजास्टर (द्वितीयक आपदाओं) की आशंका जताई है
नेपाल सरकार की प्रतिक्रिया
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए इस आपदा में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है, और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। सरकार ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत झोंकने का निर्देश दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका
कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और चैरिटी संगठन इस आपदा में राहत कार्य के लिए आगे आई हैं। ऑस्ट्रेलिया की Emergency Action Alliance जैसी संस्थाएं स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर खाना, पानी, आपातकालीन आश्रय और चिकित्सा सहायता पहुंचाने का काम कर रही हैं।
आगे क्या?
अधिकारियों ने साफ तौर पर आगाह किया है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई दुर्गम इलाकों में अभी तक बचाव दल पहुंच ही नहीं पाए हैं। मौसम की स्थिति और द्वितीयक आपदाओं का खतरा आने वाले दिनों में भी रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बनाए रख सकता है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
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