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नेपाल तिब्बत सीमा पर तबाही का मंजर, 469 की मौत, 1000 से ज्यादा लापता जिनमें बड़ी संख्या भारतीय भी शामिल

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KavitaStaff Reporter
August 28, 20268 min read36 views0 comments
Source:Al Jazeera
नेपाल तिब्बत सीमा पर तबाही का मंजर, 469 की मौत, 1000 से ज्यादा लापता जिनमें बड़ी संख्या भारतीय भी शामिल
नेपाल के Rasuwa जिले में बाढ़ से तबाह हुए घरों और मलबे की तस्वीर

हिमालय के दिल में बसा एक इलाका इस वक्त एक ऐसी त्रासदी से गुजर रहा है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा पर बुधवार को आई एक भीषण बाढ़ ने कई गांवों और कस्बों को तबाह कर दिया। अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।

आपदा की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
घटना स्थल नेपाल तिब्बत सीमा, Rasuwa जिला (नेपाल), Gyirong काउंटी (तिब्बत)
कारण ग्लेशियर से हिमस्खलन, जिससे नदी में अचानक बाढ़ आई
पुष्ट मौतें (नेपाल) 469 से अधिक
लापता लोग 1,000 से अधिक, जिनमें 500+ विदेशी नागरिक शामिल
लापता अमेरिकी नागरिक लगभग 90
तिब्बत की तरफ मौतें कम से कम 3, 558 लापता (जिनमें 260 विदेशी)

आखिर हुआ क्या था?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पूरी आपदा एक ग्लेशियर हिमस्खलन से शुरू हुई। Langtang Lirung पर्वत के पास स्थित एक ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे बहती Lhende नदी में जा गिरा। इससे नदी का पानी अस्थायी रूप से एक प्राकृतिक बांध की तरह रुक गया, लेकिन जब यह दबाव झेल नहीं पाया, तो एक भयंकर बाढ़ की लहर नीचे की तरफ बह निकली जिसने अपने रास्ते में आने वाले पुलों, सड़कों और घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया।

शुरुआत में यह आशंका जताई गई थी कि इसकी वजह एक भूकंप हो सकता है, क्योंकि इस घटना ने 5.2 तीव्रता का एक भूकंपीय संकेत भी उत्पन्न किया था। लेकिन बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने साफ किया कि यह संकेत भूकंप से नहीं, बल्कि भूस्खलन से ही उत्पन्न हुआ था।

रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या चुनौतियां आ रही हैं?

  • यह इलाका बेहद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां सामान्य दिनों में भी पहुंचना मुश्किल होता है
  • बाढ़ ने कई महत्वपूर्ण पुलों और सड़कों को पूरी तरह तोड़ दिया है, जिससे संपर्क कट गया है
  • प्रभावित इलाके अभी भी गहरे और मुलायम कीचड़ से ढके हुए हैं, जिससे बचाव कार्य धीमा हो रहा है
  • चीन में मौसम विशेषज्ञों ने चेताया है कि भूस्खलन के दौरान बना एक अस्थायी बांध टूट सकता है, जिससे और बाढ़ आने का खतरा है
  • नेपाल पुलिस ने अब तक 4,348 कर्मियों को बचाव कार्य में तैनात किया है, जिनमें से 28 अधिकारी खुद अभी भी लापता हैं

लापता लोगों में इतने विदेशी नागरिक क्यों?

यह इलाका खासकर Rasuwa जिला तीर्थयात्रियों और ट्रेकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है, क्योंकि यह पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के रास्ते में पड़ता है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, हादसे के वक्त यहां कई देशों से आए यात्री मौजूद थे, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की भी है। यही वजह है कि लापता लोगों की सूची में 32 देशों के नागरिक शामिल हैं।

यह आपदा इतनी भयावह क्यों है?

  • यह पिछले कई दशकों में हिमालयी क्षेत्र में आई सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है
  • जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि यही Lhende नदी पिछले 14 महीनों में दूसरी बार बाढ़ से प्रभावित हुई है, जो हिमालय क्षेत्र में तेजी से बढ़ते जलवायु खतरों की तरफ इशारा करता है
  • संयुक्त राष्ट्र भी उपग्रह तकनीक की मदद से भविष्य में इस तरह की आपदाओं का पहले से अनुमान लगाने पर काम कर रहा है
  • मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई इलाकों में अभी तक बचाव दल पहुंच ही नहीं पाए हैं

आगे क्या?

नेपाल और चीन दोनों देशों की सरकारें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मदद की अपील की जा रही है। दुर्भाग्य से, अगले कुछ दिनों में मौसम खराब रहने और ठंड बढ़ने की आशंका है, जिससे बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और जैसे जैसे नई जानकारी सामने आएगी, इसे अपडेट किया जाएगा।

यह एक संवेदनशील और विकसित हो रही खबर है। अगर आप या आपका कोई परिचित इस आपदा से प्रभावित इलाके में मौजूद है, तो कृपया स्थानीय प्रशासन और अपने देश के दूतावास से संपर्क करें।

Tags:
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Frequently Asked Questions

Common questions about नेपाल तिब्बत सीमा पर तबाही का मंजर, 469 की मौत, 1000 से ज्यादा लापता जिनमें बड़ी संख्या भारतीय भी शामिल

01

नेपाल तिब्बत बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?

02

इस बाढ़ का कारण क्या था?

03

क्या लापता लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं?

04

रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या मुश्किलें आ रही हैं?

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